जयपुर, 11 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी निर्देशों पर राजधानी जयपुर में आर्मी एरिया से बाहर पहली बार आयोजित हो रही सेना दिवस परेड–2026 को लेकर आमजन में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। जगतपुरा स्थित महल रोड पर रविवार को आयोजित दूसरी फुल ड्रेस रिहर्सल में बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही, जहां भारतीय सेना के साहस, पराक्रम, अनुशासन और आधुनिक युद्ध क्षमता का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार यह आयोजन जनभागीदारी, राष्ट्रभक्ति और नागरिक–सैन्य समन्वय का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है। सामान्य प्रशासन, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निरंतर समन्वय के साथ जुटे हुए हैं। फुल ड्रेस रिहर्सल में आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को साकार करते हुए स्वदेशी तकनीक से विकसित मिसाइलों, टैंकों और हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया। रविवार को रिहर्सल के दौरान अपाचे और प्रचंड हेलिकॉप्टर, डायमंड शेप सहित विभिन्न लड़ाकू ड्रोन विमानों की उड़ानों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। जल, थल और वायु—तीनों आयामों में सेना की सामरिक शक्ति का प्रभावी प्रदर्शन हुआ।
रिहर्सल में हेलिकॉप्टर से दागी जाने वाली एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘हेलिना’, मल्टी मिसाइल लॉन्चर, अत्याधुनिक टैंक और एंटी एयर मिसाइल सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। यह एंटी एयर मिसाइल सिस्टम 155 राउंड फायर करने में सक्षम है और हेलिकॉप्टर से भी संचालित किया जा सकता है। इसके साथ ही 4 हजार मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम ड्रोन आधुनिक युद्ध तकनीक की दिशा को स्पष्ट रूप से दर्शाते नजर आए। परेड रिहर्सल में ऑपरेशन सिंदूर की झांकी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल और हाई-रेजोल्यूशन कैमरों से लैस अत्याधुनिक रोबोटिक डॉग्स का प्रदर्शन किया गया। एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल टुकड़ी द्वारा दुश्मन के टैंकों को नष्ट करने की क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन भी किया गया। सेना दिवस परेड में भैरव बटालियन ने अपनी आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रदर्शन किया। जनवरी 2026 में गठित यह नई स्पेशल फोर्स ड्रोन आधारित ऑपरेशंस के लिए तैयार की गई है, जिसमें एक लाख से अधिक प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर शामिल हैं। यह यूनिट हाइब्रिड और मल्टी-डोमेन चुनौतियों से निपटने में पूर्ण रूप से सक्षम है। ऑल-टेरेन व्हीकल द्वारा पानी, रेगिस्तान और पथरीले इलाकों में संचालन क्षमता का प्रदर्शन किया गया, जिसका उपयोग सैन्य अभियानों के साथ-साथ आपदा राहत कार्यों में भी किया जाता है। वहीं मॉड्यूलर ब्रिज के माध्यम से कम समय में मार्ग निर्माण की क्षमता ने दर्शकों को प्रभावित किया।
रिहर्सल में मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम जैसी स्वदेशी नस्लों के डॉग्स ने अभ्यास किया। चश्मा पहने मुधोल हाउंड की फुर्ती और आक्रामकता विशेष आकर्षण रही। इसके साथ ही भारतीय सेना के जवानों ने मोटरसाइकिल पर पिरामिड निर्माण, एक टायर पर सवारी और अशोक स्तंभ व कमल जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सेना दिवस परेड के सफल आयोजन हेतु राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा, आपातकालीन सेवाओं सहित महिला एवं दिव्यांग दर्शकों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। विभिन्न विभागों के मन्वय से आयोजन सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है। गौरतलब है कि सेना दिवस परेड–2026 न केवल भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का उत्सव है, बल्कि यह सुशासन, प्रशासनिक समन्वय और संवेदनशील शासन व्यवस्था का भी सशक्त उदाहरण बनकर जयपुर को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दिला रहा है।
